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Blogging ke liye Hinglish Best hai ya Hindi {Case Study}

नमस्कार दोस्तों, आज इस पोस्ट में हम बात करेंगे कि blogging के लिए कौनसी language बेस्ट हो सकती है, जोकि एक case study है। मैंने अपनी पिछली पोस्ट में आपको Google webmaster tools me Blogger sitemap submit करने के बारे में बताया था। आज की ये पोस्ट उन bloggers के लिए बहुत उपयोगी है जो हमेशा से confuse रहते हैं और ये decide नहीं कर पाते क़ि वो अपने ब्लॉग पर article लिखने के लिए hinglish का उपयोग करें या hindi font का।

Blogging ke liye Hinglish Best hai ya Hindi

आपने देखा होगा की बहुत सारी ऐसी websites और ब्लॉग हैं जिन पर hinglish में content read करने को मिलता है। और आपने ये भी देखा होगा कि कुछ websites ऐसी भी हैं जो Hindi fonts का उपयोग करके content को readers के सामने रखते हैं।

वैसे कुछ bloggers ऐसा मानते हैं कि hinglish blog पर organic traffic ज्यादा आता है। लेकिन कुछ blogger ये भी बोलते हैं कि Hindi Font को उपयोग करने वाले ब्लॉग पर traffic जल्दी आता है। I mean 50% ब्लॉगर hinglish ब्लॉग को अच्छा मानते हैं और 50% ब्लॉगर Hindi language को use करने वाले ब्लॉग को best मानते हैं।

अब आप समझ गए होंगे की इस परिस्थिति में अपने ब्लॉग के लिए decide करना कितना मुश्किल है कि किस font का use करना हमारे ब्लॉग के लिए बेहतर होगा।

अब आप जरूर totally confused हो रहे होंगे क़ि आखिर आपके ब्लॉग के लिए कोनसी language best रहेगी ? तो अब आप इस पोस्ट को पढ़ ही रहे हैं तो अच्छे से आगे भी पढ़ते जाये और सिर्फ पढ़ना ही नहीं है इसे समझना भी होगा। क्योंकि अब में अपनी case study के द्वारा प्राप्त हुए results को आपके सामने रखने वाला हूँ जिससे आपको मालूम चल जायेगा की आखिर hinglish और hindi blogs की सत्यता क्या है।

Bloglon Hindi and hinglish content case study :

यदि आप हमारे इस ब्लॉग के regular reader हैं तो आपको मालूम ही होगा कि जब हमने BlogLon ब्लॉग को launch किया था तब में Hindi font में content लिखता था। मैंने लगभग 20 post हिंदी भाषा में लिखी, तब मैंने इसमें notice किया कि मेरी alexa rank बहुत ही जल्दी under 10 lacks हो गयी थी और traffic response भी अच्छा था।

लेकिन जैसा कि हम सब जानते हैं कि हिंदी language india में सबसे ज्यादा बोली और समझी जाती है तो जाहिर सी बात है कि traffic भी Indian था। लेकिन इसका मतलब ये नहीं की मेरा traffic 100% india से था, बल्कि कुछ ट्रैफिक (approx 10-20%) other country से भी मिलता था। जैसे USA इत्यादि। क्योंकि यदि आपको मालूम न हो तो में आपको बता दूँ कि हिंदी भाषा अपने इंडिया के अलावा भी other country में रहने वाले लोग भी इसे पसंद करते हैं।

लेकिन Hindi font में पोस्ट लिखने में बहुत ज्यादा time consume होता है। क्योंकि हम सब जानते हैं कि 99.9% bloggers hindi typing नहीं जानते हैं इसमें में खुद भी शामिल हूँ , हम सब Google hindi input tools की मदद से अपने आर्टिकल को लिखते हैं। इसके लिए हमें इस tool के developer team को thanks भी कहना चाहिए जिसने hindi blogging को एक नया मुकाम दिया।

Hindi में किसी post को लिखने के लिए हमें hinglish की अपेक्षा ज्यादा key press करनी होती हैं तब जाकर एक word बनता है। जबकि hinglish में हिंदी की अपेक्षा बहुत कम key दबानी होती हैं एक word लिखने के लिए।

इसलिए हम आपको बताना चाहेंगे कि हिंदी में एक article लिखने में मुझे minimum 3-5 hours लगते हैं, जबकि यदि Hinglish की बात की जाये तो maximum 2 hours में अपनी पोस्ट complete कर लेता था। इसलिए ये clear हो जाता है कि यदि आप अपने ब्लॉग पर हिंदी में tutorial article लिखना चाहते हैं तो समझ लेना चाहिए की आपको अपने ब्लॉग के लिए extra टाइम देना जरूरी होगा।

और में समझता हूँ कि यही सबसे बड़ी प्रॉब्लम होती है hindi blogs के लिए। लेकिन इसका एक positive fact भी मिला कि जब मेरे ब्लॉग पर totally हिंदी भाषा में articles थे तब मेरे traffic का bounce rate बहुत ही अच्छा था, उस समय मेरा bounce rate 20- 30% रहता था जो की किसी भी blogs या websites के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होती है।

इसलिए ये साबित हो जाता है क़ि hindi content को पढ़ना visitors ज्यादा पसंद करते हैं। लेकिन इस भाषा का एक negative fact भी है कि Pakistan country के readers इस language को बेहतर तरीके से नहीं समझते, जिससे Pak जैसी country के traffic को avoid करना पड़ता है।

यदि आपके ब्लॉग पर पाकिस्तानी traffic अच्छा है तो आपको hinglish में ही अपने content को publish करना चाहिए। क्योंकि ये readers hinglish को अच्छे से समझते हैं।

और यदि आपका कोई new blog है जिस पर अभी ज्यादा traffic नहीं है तो आपको हिंदी fonts का उपयोग करना चाहिए। हिंदी ब्लॉग बहुत जल्दी successful बन सकता है।

इसका सीधा सा जवाब आपको ऐसे मिल जायेगा, आप किसी हिंगलिश पोस्ट को पढ़िए और फिर किसी हिंदी पोस्ट को पढ़िए। जब आप हिंगलिश पोस्ट पढ़ेंगे तो आपको ऐसा लगेगा कि जैसे आपके सिर में दर्द हो रहा हो, I mean पढ़ते हुए अच्छा feal नहीं होगा और आप उसे जल्दी ख़त्म करने की सोचेंगे। यही वजह होती है कि hinglish आर्टिकल को reader पढ़ते पढ़ते थकावट महशूश करते हैं। और जब visitors को post read करने में अच्छा feel नहीं होगा तो वो आपकी साइट से बहुत जल्दी भाग जायेगा, मतलब without other post read किये वो आपके ब्लॉग की window को close कर देगा। इसी reason से hinglish ब्लॉग का bounce rate above 60% चला जाता है। जोकि SEO के हिसाब से थोड़ा खतरनाक होता है। क्योंकि ज्यादा bounce rate आपके blog की search engine में priority को खतरे में डाल देता है।

इसे मैंने ऐसे study किया कि लगभग 20 पोस्ट हिंदी में लिखने के बाद मैंने अपनी पोस्ट को हिंगलिश में लिखना स्टार्ट किया और आज के time में approx 40 post इस ब्लॉग पर हिंगलिश में published हैं। मैंने इस language का उपयोग करने के बाद देखा कि मेरे ब्लॉग की alexa rank improve तो हुयी लेकिन उतनी नहीं जितनी होनी चाहिए थी। यदि हिंदी और हिंगलिश content को alexa rank के लिहाज से compare करके देखे तो hinglish की पोस्ट ज्यादा होने के वावजूद alexa rank हिंदी कंटेंट से आधी से भी कम improve हुयी।

मतलब साफ है हिंदी language में content यदि लिखा जाये तो ब्लॉग की alexa rank बहुत ही fast improve हो जायेगी।

Kya Hinglish blogs ko AdSense officially support deta hai ?

यदि आपको मालूम न हो तो में आपको बताना चाहूँगा कि adsense team ने hinglish language को अपनी language में शामिल नहीं किया है।Absolutely No. लेकिन वो इस तरह के blogs को approval भी देती है। यदि इस विषय में हम अपना opinion देना चाहे तो यही हो सकता है कि अभी हिंदी ब्लोग्स की बहुत कमी होने की वजह से वो hinglish ब्लोग्स को भी approval मिलता है। लेकिन जब हिंदी ब्लॉग में competition बढ़ेगा तब शायद hinglish को वो fully bane कर दे। या हो सकता है hinglish को भी हिंदी की तरह official language में शामिल कर ले। तो future में हिंगलिश ब्लोग्स को लेकर कुछ भी बदलाव संभव हो।

जबकि हम सब जानते हैं कि हिंदी भाषा को google adsense ने अपनी country language में शामिल कर रखा है। It is officially announced to supporting hindi language blogs.

Kya Hinglish blog par AdSense se jyada earning hoti hai ?

जैसा कि आप जानते हैं कि मैंने दोनों language में content को लिखा है। कुछ आर्टिकल हिंदी में,और कुछ पोस्ट हिंगलिश में। तो मैंने जो adsense earning में difference देखा जिसे में बताने जा रहा हूँ, हो सकता है आप भरोसा न करें, लेकिन सच को हम बदल नहीं सकते।

सच्चाई ये है कि Adsense earning को cpc या other factor से देखा जाये तो कोई फर्क नहीं पड़ता, चाहे आप हिंग्लिश ब्लॉग पर Adsense use करें या फिर हिंदी ब्लॉग पर। लेकिन अब आप कहेंगे कि कुछ blogger कहते हैं कि हिंगलिश ब्लॉग से अच्छी earning होती है,हिंदी ब्लॉग की अपेक्षा, तो में आपको बता दूँ क़ि Adsense earning, cpc पर depend करती है ना कि हिंदी और हिंगलिश पर।

यदि आप अपने किसी भी language के ब्लॉग पर adsense से huge income earn करना चाहते हैं तो आप अपनी post में high cpc keywords उपयोग कीजिये और अपने adsense account में जाकर low cpc ads network को block कर दीजिये फिर आपकी adsense income increase होने लगेगी। kyonki आपके keywords के हिसाब से cpc increase हो जायेगी।

इसलिए साबित हो जाता है कि hinglish और हिंदी languge से adsense earning का कोई relation नहीं है।

Kya Hindi blog par SEO karna hard hai ?

मैंने अपने ब्लॉग पर दोनों ही language में आर्टिकल लिखे और उनका बेहतर SEO किया है। मुझे नहीं लगता कि हिंदी पोस्ट में search engine optimization करना किसी भी तरह से hard है। जिस तरह हमने hinglish पोस्ट में SEO किया ठीक उसी तरह hindi post में भी किया। मुझे नहीं लगता इसमें किसी भी प्रकार का minor सा भी difference है। It is totally same process.

जिस तरह कुछ keywords hinglish content में unfit होते हैं, ठीक वैसे ही hindi content में unfit होते हैं।

जैसा कि हम सब जानते हैं कि keywords की language english होती है अब इन्हें आप चाहे हिंगलिश पोस्ट में use करें या हिंदी पोस्ट में। कुछ bloggers का कहना है कि हम हिंदी आर्टिकल में keywords कैसे use कर सकते हैं, क्योंकि हिंदी में keywords होते ही नहीं और english keywords को हिंदी में क्या मतलब रह जाता है और इन्हें हिंदी sentence में कैसे fit करें ?

जो इस तरह की बातें करते हैं उनके लिए ये मेरा Bloglon ब्लॉग एक अच्छा example है। यहाँ पर वो दोनों language की पोस्ट को अच्छे से scan करें तो जरूर समझ में आ जायेगा की हिंदी और हिंगलिश content में keywords कैसे use किये जाते हैं।

में ये तो नहीं कहता कि में एक अच्छा आर्टिकल writer हूँ, लेकिन मुझे इतना तो फक्र है कि में best SEO के साथ दोनों language में ठीक ठाक post content लिख सकता हूँ।

जैसा कि हम सब जानते हैं कि content लिखना एक बहुत बड़ी कला (arts) है। और किसी भी कला को सिर्फ बार बार प्रयाश करने से ही निखार सकते हैं। किसी भी कला को कुछ ही days में नहीं निखार सकते।

वैसे ही Hindi content में english keywords को फिट करना भी एक writing skill है। तो में यही कहूँगा कि आपको भी इस हुनर को सीखना ही होगा, नहीं तो आपने कुछ हिंदी blogs की income reports देखी होगी, जिनका ट्रैफिक 50000 page views per day होने के बावजूद adsense earning, max 5$ होती है। जबकि उन्हें इतने अच्छे traffic पर minimum 30-50$ adsense earning होनी चाहिए।

Kya Hindi ya Hinglish blog without keywords high traffic prapt kar sakte hai ?

यदि किसी blog के content में keywords का use नहीं किया जाये तो वो ब्लॉग high traffic प्राप्त कर सकता है, इसमें कोई confusion नहीं होनी चाहिए। ऐसे blogs पर high traffic होता है। उसका एक यही reason है कि हिंदी language में low competition होना। लेकिन यदि इस तरह के blogs या website की income देखी जाये तो बहुत ही low होती है। और low income होने की वजह सिर्फ keywords का use ना करना है। यदि उन्होंने अपनी पोस्ट में वो keywords को use किया होता जिनको adsense में advertisers ने target किया है तो आज के time में वो blog adsense से बहुत ही high income generate कर रहे होते।

Conclusion :

यदि आपने अभी तक कोई blog नहीं बनाया है और हिंदी और hinglish को लेकर confused थे तो अब आपको समझ आ गया होगा कि आपके ब्लॉग के लिए Hindi fonts में content लिखना सबसे best रहेगा, फिर चाहे SEO की बात हो या alexa rank की या फिर adsense earning की। सभी points पर हिंदी ब्लॉग best result देगा।

और यदि आप कोई hinglish blog चला रहे हैं और आप आगे से new post hindi में publish करना चाहते हैं तो कोई प्रॉब्लम नहीं, आप ऐसा कर सकते हैं। लेकिन आपको अपने traffic की country पर जरूर देना होगा, और check करना होगा की आपका traffic India से कितना है,यदि 90-95% traffic इंडिया से हो तो आपको अपने ब्लॉग पर hindi language में content likhna start कर देना चाहिए। और अपने visitors से एक बार इस बारे में feedback लेना जरूर उचित रहेगा। readers को ध्यान में रखकर ही language change करने का फैसला लें।

यदि आपका traffic Pakistan जैसी countries से ज्यादा आता है तो आप hinglish language में ही content लिखें, क्योंकि ज्यादातर पाकिस्तानी readers हिंदी को अच्छे से समझ नहीं पाते। इसलिए traffic का country base पर analysis करना बहुत ही important रहेगा।

यदि आपका ब्लॉग हिंगलिश में है और उस पर traffic नहीं आ रहा है या alexa rank improve नहीं हो रही है, तो आप कुछ हिंदी पोस्ट publish करके देखिये। लेकिन ध्यान रहे चाहे कोई भी language हो SEO को बेहतर ढंग से करना होगा। रही बात rank की तो हिंदी में alexa rank बहुत ही fast improve होती है।

यदि में अपनी बात करूँ तो में आपको highly recommend करूँगा कि आप hindi fonts में post लिखें, बहुत ही जल्दी popular हो जायेगा आपका ब्लॉग, यही मेरी hindi vs. Hinglish case study कहती है।

अब मुझे लगता है कि आप अपने ब्लॉग के लिए सही से decide कर सकेंगे कि Blogging के लिए hinglish best है या Hindi.यदि यह post आपके लिए helpful रही हो और आपको लगता है कि इस article से other bloggers की भी help हो सकती है तो इसे social media पर अपने friends के साथ जरूर share करके उनकी मदद करें।

Comments

  1. By sandeep singh

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  4. By vinayashree

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  5. By Dilip

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  8. By Suraj yadav

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  9. By rahul

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  10. By Govind

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  12. By Kashyap Joshi

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