About us - Privacy Policy - Disclaimer - Contact us - Guest Posting - Income Reports

On-Page SEO: Post Optimization Kaise Kare ? Complete Guide

इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि on page seo kaise kare या what is on page seo ? जबकि मैने अपनी ‌other ‍पोस्ट में Keywords Aur Queries Me Kya difference Hota Hai इसके बारे में बताया था। मैंने ऐसे बहुत से bloggers के blog check किये हैं और उनकी posts में apply की गयी on page seo techniques में किसी ना किसी रूप में कमजोरी पाई गयी है। इसलिए इस article का यही मकसद है कि जो new blogger हैं वो अपनी post का optimization सही तरीके से कर सकें। क्योंकि हम सब जानते हैं कि किसी भी blog के लिए content optimization कितना जरुरी होता है। इसलिए में इस guide में आपको white hate तरीके से post को optimized करना बहुत ही easy तरीके से बताने वाले हैं, जिससे newbies को आसानी से समझ आये।

On page seo kaise kare complete guide

यदि आप अपने blog पर quality articles publish करते हैं फिर भी search engine से organic traffic बहुत कम मिलता है तो हो सकता है आपकी seo on page activities में कुछ कमी हो। वैसे में आपको आगे on page seo checklist के बारे में बताने जा रहा हूँ जिन पर हमें ध्यान देना होता है –

  • Post title.
  • Post permalink.
  • First paragraph.
  • Last paragraph.
  • Sub-Heading H2, H3 and H4.
  • Internal linking.
  • External linking.
  • Remove Stop words from Permalinks.
  • Write Descriptive content.
  • Image Optimization.
  • Use LSI Keywords.
  • Page Load time.
  • Keyword density.
  • Typing Mistakes.
  • Post Description.

13 amazing on page seo techniques:

ये वो on page seo factors हैं जो content को powerful बनाने के लिए बहुत ही important होते हैं, इनके बारे में विस्तार से जानने से पहले में चाहूँगा कि आपको सबसे पहले बता दूँ कि on page seo kya hota hai.

On Page SEO Definition:

ये वो method होती है जिसको अच्छे तरीके से follow करने पर अपनी post को search engine result में first page पर ला सकते हैं, इसे हम on page optimization भी कहते हैं। यदि में इसे other words में simplify करके कहना चाहूँ तो, ये search engine optimization SEO की वो process होती है जिससे हम अपने contents को search engine friendly बनाते हैं।

यदि आप अपने blog पर post optimization को नहीं करते हैं तो इससे आपकी post की quality बहुत ही bad मानी जाती है, क्योंकि हमें अपने contents को according to search engine guideline के हिसाब से optimized करना होता है। यदि हम SEO rules को follow करते हुए अपने articles को नहीं लिखेंगे तो हमारे blog पर search engine से आने वाला traffic बहुत ही low रहता है।

यदि आप भी चाहते हैं की आपके blog की post search engine friendly हो तो उसके लिए आपको post publish करने से पहले बेहतर तरीके से content को optimized करना बहुत जरुरी होगा। और यदि आप on page seo को अपनी post में अच्छे तरीके से follow करते हैं तो आपका organic traffic बहुत ही जल्दी improve होता है।

तो अब आपको थोडा आगे लेकर चलते हैं और on page optimization in seo से जुड़े हुए factors के बारे में one by one विस्तार से जानकारी देते हैं, जिससे आपको मालूम हो जायेगा की अपनी post seo friendly kaise banate hai.

On Page SEO: Post Ko Perfect Optimize kaise Kare ?

On-Page SEO के अंतर्गत जो work करना होता है उसमें, जो में ऊपर कुछ factors बता चुका हूँ, उन सभी points पर carefully work करना होता है। जिससे किसी भी post को search engine के first page पर जगह मिल सके। तो चलिए start करते हैं और जानते हैं कि कैसे अपनी post को search engine में first page पर कैसे ला सकते हैं –

1. Post Title:

किसी भी post title को seo friendly बनाने के लिए नीचे दिए गए points को follow करना होता है –

Title Length: जो post का title होता है जिसे H1 भी कहते हैं, इसकी length 35 – 60 characters के अन्दर होना बहुत जरुरी होता है। यदि आप अपनी post title को 35 characters से कम में लिखेंगे तो वो title seo friendly नहीं होगा, और यदि post title में 60 characters से ज्यादा use करेंगे तो भी आपका title search engine friendly नहीं होगा। इसलिए title लिखते समय इस बात का ध्यान जरुर रखें की उसमें उपयोग होने वाले characters की संख्या 35 – 60 के बीच ही रहे।

Title Attractiveness – मैंने बहुत से bloggers की post को read किया है जिसमें मैंने देखा है की उनका high quality content होते हुए भी पोस्ट पर क्लिक कम होते हैं इसका सबसे बड़ा reason यही है कि वो अपने पोस्ट title में catchy words का उपयोग नहीं करते हैं, जिससे readers पोस्ट की तरफ कम आकर्शित होते हैं जिससे उन्हें उस पोस्ट से low traffic मिलता है।

इसलिए अपने post title को more clickable बनाने के लिए कुछ special words का उपयोग करना बहुत जरुरी होता है। जैसे Incredible, Awesome, Best method, Warning, Attention, Numeric (10, 15,20), Important, Unbelievable, Untouched, Advanced, Beginners, Amazing, Secrets etc.

यदि आप अपने article के title में ऊपर दिए गए words को use करेंगे तो उसका growth rate जरूर बढ़ता है। इसलिए कोशिश करें की इसी तरह के words का उपयोग अपने पोस्ट title में किया जाये।

Example: 20 amazing tips, traffic boost करने के लिए। 10 advanced SEO tips, website का traffic बढाने के लिए। Warning, Black hate SEO क्यों use नहीं करना चाहिए इत्यादि। तो इस तरह से अपनी post title में कुछ special words को add करके attractive बना सकते हैं।

Title with main keyword – यदि आप post title को more searchable बनाना चाहते हैं तो उसके लिए आपको अपनी post title में post का main keyword ( focus keyword) add करना बहुत compulsory होता है। ये on page seo का सबसे पहला step होता है। इसको अच्छे से समझने के लिए में आपको कुछ examples देता हूँ।

Example: मान लीजिए यदि आपका main keyword “Bluehost affiliate” है। अब इसे post title में insert करेंगे तो कुछ इस तरह का title बन जायेगा ” क्या Bluehost affiliate से पैसे कमा सकते है?”।

Use main keyword in starting of post title – यदि आप चाहते हैं कि आपका post title according to on page seo correct हो, तो कोशिश करनी चाहिए की आपका main keyword post title के starting में add हो। इससे आपका टाइटल और ज्यादा seo friendly बन जाता है। और ज्यादा search result में show होता है जिससे high organic traffic मिलता है। इसको भी में एक example देकर आपको समझाने की कोशिश करता हूँ।

Example: यदि आपका main keyword “free website” है तो इसे अपनी पोस्ट टाइटल के starting में add करने के बाद कुछ इस तरह का post title बन जायेगा “Free website kaise बनायें?”या “Free website बनाकर पैसा कैसे कमाएं?”

तो इस तरह से अपने post title के लिए on page seo rules को follow करके title को user और seo दोनों के हिसाब से ज्यादा powerful बना सकते हैं। अब में आपको एक उदहारण देने जा रहा हूँ जिसमें मैंने post title में use होने वाले सभी points को follow किया है।

Best optimized post title example:

“Online money kaise kamaye free blog banakar? Secret method” इस post title में आप देखेंगे कि title length भी correct है, और title के starting में main keyword “online money” को भी शामिल किया गया है। और special word ” Secret method” को भी add किया गया है।

इस तरह का post title user-friendly होने के साथ साथ seo friendly भी होता हैं, क्योंकि इसमें on page seo का भी सही तरीके से use हुआ है। इस तरह से बनाये गए post title की वजह से अच्छा traffic प्राप्त कर सकते हैं।

2. Post Permalink:

Post permalink को post url भी कहते हैं। जिसे हमें on page seo के हिसाब से create करना बहुत ही important होता है। इसमें हमें कुछ important बातों को ध्यान में रखना होता है जैसे url length और keyword.

Post permalink length – जब हम पोस्ट लिखते हैं तो हमें post title को seo friendly बनाने के बाद post url को भी seo friendly बनाना होता है। according to on page seo rules हमें अपनी post का url (permalink) को जितना हो सके short रखना चाहिए। long post url search engine बिल्कुल भी पसंद नहीं करता है।

Insert keyword in permalink – post permalink को optimized करके short बनाने के साथ साथ हमें अपनी post के main keywords को भी post url में add करना चाहिए। इससे search इंजन की नजर में हमारा पोस्ट url seo friendly बन जाता है।

Remove stop words – ये भी on page seo के लिए बहुत बड़ा factor होता है। इसलिए हमें अपने post permalink से stop words ( is, are, the, in etc) हटा देना बहुत जरुरी होता है। क्योंकि इस तरह के stop words post url में कोई value नहीं रखते हैं बल्कि उसकी length को increase करते हैं। चलिए में आपको एक example के through समझाते हूँ कि seo friendly url किस तरह का होता है।

SEO friendly permalink example:

मान लीजिए आपकी किसी post का main keyword “affiliated marketing guide” है तो इसके लिए best post url कुछ इस प्रकार होगा – “affiliated-marketing-guide/”

तो इस तरह से on page seo को follow करते हुए अपनी post permalink को short and seo friendly बनाकर अपनी post की quality को improve कर सकते हैं।

3. First paragraph:

जब हम किसी post को लिखना start करते हैं तो सबसे पहले हमें अपनी post के बारे में introduction लिखना होता है जिसमें हमें नीचे लिखी बातों को ध्यान में रखना चाहिए।

Post introduction length – ज्यादातर blogger इस बात को follow नहीं करते की उनकी post का introduction 100-150 words का होना बहुत जरुरी होता है। इसमें ध्यान इस बात पर देना है कि किसी भी पोस्ट का intro 100 words से कम ना हो और ना ही 150 words से ज्यादा हो। लेकिन एक बात और इन 150 words को एक ही paragraph में लिखा होना बहुत जरुरी है।

Insert keywords – post का First paragraph लिखते समय हमेशा paragraph के first sentence में post के main keyword का natural way में add करना बहुत ही important होता है। इसके लिए आप main keyword से related keyword को use करेंगे तो ज्यादा अच्छा रहेगा।

इसके बाद इस paragraph में एक या दो related keywords या queries को externally add कर सकते हैं। लेकिन keywords को केवल natural तरीके से ही insert करना होगा, ऐसा नहीं लगना चाहिए की किसी words को forcefully add किया गया है। और keyword density को mind में रखकर long tail keywords का use अपने first paragraph में करना चाहिए।

इस तरह से पोस्ट में first paragraph को लिखने से हमारी paragraph seo friendly बन जाता है। क्योंकि जब search engine किसी post या page को index या crawl करता है तो सबसे पहले post title, post permalink और उसके बाद post का first paragraph read करता है।

4. Image optimization:

जब हम पोस्ट लिखते हैं तो हमें अपने article या post में minimum एक image जरूर add करनी चाहिए। क्योंकि इससे readers आसानी से समझ जाते हैं कि पोस्ट किस topic के बारे में है। लेकिन image add करने से पहले उसे rename करना जरुरी होता है।

Rename post images – जब हम किसी पोस्ट के लिए image design या download करते हैं तो हमें उसे rename करके अपने main keyword को जरूर add करना चाहिए। लेकिन यदि post में एक से ज्यादा पोस्ट को use करना हो तो image से related ही renaming करें। ये image optimization की first step होती है।

Image alt tag – जब हम image को rename करने के बाद post में add करते हैं तो उसमें alt tag में अपने main keyword को जरूर add करें।

लेकिन ध्यान रहे यदि किसी पोस्ट में एक से ज्यादा images या screen shots को add किया गया है तो keywords variation में ही use करें और जरुरी नहीं है कि सभी images में keywords use किये जायें otherwise keyword stuffing हो जायेगी।

Add Image Alt attribute – Image alt attribute को add करना बहुत ही जरुरी होता है। क्योंकि जब browser पर पोस्ट load होते समय यदि image load नहीं हो पाती है तो ऐसी situation में आपका alt attribute में add किये गए image related words show होते हैं जिससे user understand कर लेता है कि ये image किस चीज के बारे में थी।

Image alt attribute का on page seo के हिसाब से भी add करना बहुत powerful होता है इससे search engine bots को image index और crawl करने में आसानी होती है।

इसलिए अपनी पोस्ट की प्रत्येक images में alt attribute जरूर add करें। इसे add करने के लिए आपको ध्यान देना होगा कि image किस चीज के बारे में है उन words को आप image alt attribute के रूप में use कर सकते हैं।

5. Subheadings H2, H3 and H4:

जब हम किसी post का title लिखते हैं तो उसे Html में H1 कहा जाता है। उसी तरह किसी post title की subheadings को H2,H3 और H4 को minor heading कहा जाता है। अब हम आपको इनको अपनी post में use करने के बारे में on page seo के अंतर्गत बताने जा रहे हैं।

Subheadings length – जब हम किसी post में किसी topic को कुछ parts में divide करके post को describe करते हैं तो subheadings (H2, H3) को short and sweet बनाने की कोशिश करनी चाहिए। क्योंकि ज्यादा words वाली subheading seo के हिसाब से किसी काम की नहीं होती, I mean, search engine के लिए useless होती है। क्योंकि इस तरह की subheadings को search engine poorly read करता है। जिसका negative impact हमारे organic traffic पर पड़ता है।

Make attractive subheadings – इस तरह की subheadings bounce rate को improve करती हैं। इसलिए जितना हो सके अपनी पोस्ट में questionable subheading को use करना चाहिए। क्योंकि इस तरह की headings को readers बहुत ज्यादा पसंद करते हैं। इसलिए इसे user friendly बनाना बहुत जरुरी होता है। चलिए इसे एक example देकर आपको बताते हैं।

Example: यदि आपकी पोस्ट on page seo topic पर है तो उसमें subheadings के रूप में इसे “What is on page seo” लिखना चाहिए।

Add subheadings in natural way – हमेशा ध्यान रहे यदि आप short content post करते हैं तो आपको विशेष ध्यान देना होगा कि केवल जरुरत के हिसाब से ही subheadings use करना चाहिए। कभी भी without need के headings को use करने की कोशिश ना करें otherwise आपका content negative seo के दायरे में आ जायेगा, जिससे आपके blog को organic traffic का loss हो सकता है। क्योंकि इस तरह के content को poor content कहते हैं जिसे search engine index करने से ignore कर देता है।

Use LSI keywords in subheadings – यदि आप अपनी post में headings को use करना चाहते हैं तो उसे short और questionable बनाने के साथ साथ उसमें LSI keywords को use करना सबसे best होता है इससे keyword stuffing होने के chance कम हो जाते हैं और post भी seo और readers के हिसाब से natural बन जाती है।

क्योंकि इससे आपको main keyword को बार बार single form में use नहीं करना पड़ता हैं। इस तरह की पोस्ट का organic traffic बहुत ही अच्छा और long time तक प्राप्त होता रहता है।

यदि आपको किसी पोस्ट के लिए LSI keywords नहीं मिलते हैं तो ऐसी situation में long tail keywords को variation के साथ use कर सकते हैं।

6. Keep natural Keywords density:

सबसे ज्यादा ब्लॉगर on page seo करते समय keywords density की तरफ बिलकुल ध्यान नहीं देते हैं जिससे उनके content में keyword stuffing हो जाती है। और इससे कभी कभी पूरा blog spamming के दायरे में आ जाता है। और जिससे blog पर search engine penalty लग जाती है। जिससे organic traffic मिलना fully रूप से बंद हो जाता है।

इसलिए में आपको बताना चाहूंगा कि on page seo करते समय ध्यान रखें कि आपकी post की keyword density 1-2% तक ही रहे। इससे कम या ज्यादा होने पर अपनी post से कुछ keywords तुरंत remove या add करदें। यदि keyword density low रहेगी तो आपका main keyword search engine में अच्छी rank achieve नहीं कर पायेगा जिससे आपको low traffic प्राप्त होगा।

7. Last paragraph:

इस paragraph में भी आपको 100-150 words को use करना चाहिए। और natural way में एक या दो long tail keywords को use करना चाहिए। लेकिन keywords insert करते समय ध्यान रहे कि कोई भी long tail keywords पूरी पोस्ट में repeat नहीं होना चाहिए। मतलब keywords variation में use करना चाहिए चाहे वो post का first paragraph हो या last.

Last paragraph में हमेशा कोशिश करें कि post की आखिरी lines में keywords insertion किया जाये, तो ये on page seo के लिए बहुत अच्छा होता है।

8. Internal linking:

जब हम पोस्ट लिखते हैं तो हमें अपनी old post को mind में रखते हुए उनके keyword variation और phrase keywords को भी natural way में insert करना बहुत जरुरी होता है, ऐसा करने से link juice pass होती है। जो हमारे content के लिए most important होती है।

लेकिन internal linking भी two types से कर सकते हैं जिन्हें हम नीचे one by one short में बताने जा रहे हैं।

Related linking – इस तरह की internal linking करने से ब्लॉग का bounce rate reduce होता है, जो किसी भी ब्लॉग के seo के लिए बहुत important होता है। में आपको बताना चाहूँगा कि किसी भी blog के seo के लिए उसका bounce rate under 50% होना चाहिए। और यदि किसी blog का bounce rate above 50% रहता है, तो उसे improve करने की जरुरत होती है।

आपने बहुत सारे blogs में देखा होगा कि उनकी post में related internal links को insert करने के लिए “Read More”,”Recommended” का उपयोग करते हैं। यदि में अपने इस blog की बात करूँ तो में इसमें internal linking के लिए Inline related post plugin का use करके auto internal linking करते है। और मैं इसमें “इसे भी पढ़िए” का उपयोग करता हूँ।

Anchor text internal linking – इस तरह की linking, keywords के आधार पर की जाती है। जब हम पोस्ट लिखते हैं तो old post की linking करने के लिए कुछ related keywords या phrase words का उपयोग अपनी new post में करते हैं और उन्हे old post से link करते हैं।

लेकिन इस बात विशेष ध्यान रखना चाहिए कि post related linking, प्रति 1000 words केवल three times मतलब 3 जगह ही related old post की links insert करनी चाहिए। इससे ज्यादा linking करने पर post पर negative seo का impact पड़ता है।

और यदि keywords या anchor text की linking की बात की जाये तो इस तरह की linking आप natural way में चाहे जितनी बार (unlimited) use कर सकते हैं।

कुछ लोगों की posts मैंने देखी हुईं है, उन्होंने अपनी post में over internal linking कर रखी होती है, जिसका bad impact उनके on page seo और post quality पर पड़ता है। इसलिए post quality को बनाये रखते हुए internal linking करना बहुत जरुरी होती है।

9. External linking:

External links को अपने blog post में add करना on page seo के लिए बहुत ही important होता है। इससे आपके द्वारा provide की गयी guide या tips के लिए user trust बढ़ता है, और seo के हिसाब से भी link juice pass होती है, जो किसी भी new post के लिए बहुत ही जरुरी होती है।


लेकिन external linking करते समय हमें हमेशा ध्यान देना चाहिए कि provide की गयी external links के लिए ऐसी website या blog को select करना चाहिए जिसकी PA/DA, Alexa rank और search engine visibility अच्छी हो, इसके साथ ही उसका spam score भी शून्य (zero) हो।

अब आपके mind में एक quiestion जरूर आ रहा होगा की हमें अपनी पोस्ट में कितनी external links को add करना चाहिए? तो में आपको बता दूँ कि एक पोस्ट में केवल एक या दो links ही use करें। लेकिन ये आपके content की length पर भी depend करेगा।

इसमें एक और ध्यान देने वाली बात है कि जब भी अपनी पोस्ट में external links insert करें तो उसे dofollow और open links new window करके ही add करना चाहिए। और हमेशा content से related ही external links को add करें।

10. Write Descriptive post:

कुछ new bloggers content लिखने में बहुत जल्दबाजी करते हैं, जिससे उनका short content होता है। इस तरह के short content को search engine, specially google search result में show नहीं करता या first page पर show नहीं करता है।

Google हमेशा long content को अपने search result के first page पर show करता है। इसलिए हमें on page seo को ध्यान में रखते हुए well descriptive content लिखना चाहिए। यदि में इसे other words में कहूँ तो, हमें अपनी post को deeply describe करके लिखना चाहिए जिससे readers को उस topic के बारे में पूरी जानकारी मिल जाये।

11. Typing mistakes:

मुझे नहीं लगता कि कोई भी blogger ऐसा होगा जो post लिखते समय spelling mistakes या words mistakes ना करता हो। बल्कि सभी से ये गलतियाँ होना natural होता है। कोई blogger कम mistake करता है तो किसी से ज्यादा होती है। लेकिन यदि इन गलतियों को सुधारा न जाये या correct ना किया जाये तो ये हमारे content को कचड़ा बना देती हैं।

इन mistakes का on page seo पर बहुत ही bad effect पड़ता है। इसलिए जब भी हम new post लिखते हैं तो complete होने के बाद इस तरह के misspell words को correct कर लेना चाहिए।

यदि आप WordPress user हैं तो आपको proof reading option का use करना चाहिए, जिसमें words के हिसाब से auto-suggestion मिलता है, उससे आसानी से correct कर सकते हैं। लेकिन फिर भी हमें proof reading feature को use करने के बाद भी एक बार manually check करना ज्यादा best होता है।


यदि आपका ब्लॉग WordPress पर नहीं है, बल्कि blogspot (Blogger) पर बना है तो आपको ये काम manually ही करना पड़ता है। तो में आपको यही suggest करूँगा कि post publish करने से पहले इस तरह की typing mistakes को correct कर लेना ही ज्यादा best होता है।

12. Post Description:

किसी post को search engine में display करने में post description बहुत ही important होता है। क्योंकि जब कोई user search engine में उस topic को search करता है तो वो post description को ही सबसे पहले read करता है। इसलिए इसे अच्छे से लिखने चाहिए।

लेकिन कुछ blogger इसे ignore कर देते हैं जिसकी वजह से उन्हें उस पोस्ट से low traffic प्राप्त होता है। क्योंकि without description कोई भी पोस्ट की rank search engine में अच्छी नहीं होती है। ये on page seo का बहुत important part होता है।

वैसे तो यदि किसी पोस्ट में manually description add ना किया गया हो तो, post के first paragraph के कुछ words automatically post description का काम करते हैं। लेकिन ये कमजोर on page seo की पहचान होती है। यदि आपको अपनी post को powerful बनाना है तो manually post description को insert करना सबसे best होता है।

Post description में हमें कुछ special strategy को use करना चाहिए जिससे on page seo और ज्यादा powerful बन जाता है। इसके लिए जिन बातों का ध्यान रखना चाहिए उन्हें हम नीचे shortly describe कर रहे हैं।

Write some words post related – जब भी आप अपनी पोस्ट का description लिखें तो कुछ ऐसे words का चुनाव करें जो आपकी post के बारे में story बताते हों। जितना हो सके unique description बनाने की कोशिश करें, लेकिन इस बात का जरूर ध्यान रखें कि user को अच्छे से समझ में आ जाना चाहिए की ये पोस्ट किस चीज के बारे में है।

Insert keyword and queries – Post के description में अपने main keyword (Focus keyword) से related keyword (keyword variation) को एक से दो बार use करना चाहिए और कुछ related search queries को भी add करना चाहिए, लेकिन natural तरीके से। Post description add करने का सबसे बड़ा फायदा यही होता है कि हमें कुछ keywords और queries को insert करने का मौका मिल जाता है, जिससे पोस्ट और ज्यादा search engine friendly बन जाती है।

Post description length – इस बात का भी हमें बहुत ही strongly तरीके से ध्यान देना होता है कि description की length 135-155 characters ही होनी चाहिए।

यदि में इसे other words में simplify करना चाहूं तो, किसी भी post का description minimum 135 characters का होना बहुत जरुरी होता है। और maximum 155 characters में लिखना चाहिए। इससे ज्यादा characters वाला description किसी काम का नहीं होता है।

search results में 155 characters तक ही description show होता है, इससे ज्यादा होने पर extra characters hide हो जाते हैं। और ज्यादा characters use करने पर Google webmaster guideline भी break होती है जिससे on page seo पर wrong effect पड़ता है।

13. Page load Time:

इसके बारे में तो लगभग सभी जानते होंगे कि किसी भी blog की loding time ज्यादा होने पर कितना बुरा असर पड़ता है। फिर में आपको बताना चाहूँगा कि यदि किसी site की loading speed slow है तो उसका bounce rate और traffic दोनों पर नेगेटिव effect पड़ता है।

इसी तरह हमें अपनी पोस्ट लिखते समय ध्यान देना चाहिए कि unnecessary images या screen shots को post में add करने से बचना चाहिए। क्योंकि पेज की loading speed पर सबसे ज्यादा impact images से ही पड़ता है।

Post में जरुरी images को add करने से पहले उनके file size को reduce करके under 100 kb करना बहुत ही important होता है। इस तरह से अपनी post की loading speed को control कर सकते हैं। किसी blog के लिए on page seo के according उसकी loading speed slow नहीं होनी चाहिए।

My suggestion:

ये जो मैंने आपको ऊपर on page seo के बारे में बताया है उसे strongly follow करना किसी भी blogger के लिए उनके blogging career को एक नयी ऊँचाई तक पहुंचाने में बहुत ही helpful साबित होगी।

यदि आप इस guide के अनुसार मेरे द्वारा बताये गए सारे points को अच्छे तरीके से follow करेंगे तो में आपको 100% guarantee देता हूँ कि आप एक दिन blogging में सफल हो जायेंगे। लेकिन on page seo के अलावा off page seo का भी बहुत बड़ा योगदान होता है, जिसके बारे में other post के माध्यम से आपको कुछ सिखाने की कोशिश करूँगा।

मुझे लगता है कि इस post से आपको बहुत कुछ knowledge मिलेगा। और आप भी On-Page SEO kaise kare – SEO Friendly Post kaise likhe इसके बारे में जान गए होंगे। यदि आप on page seo से related कोई सुझाव देना चाहते हैं या कुछ पूछना चाहते हैं तो आप comments करके पूछ सकते हैं। यदि ये post आपको पसंद आये, तो social media पर share करना ना भूलें।     धन्यवाद !

Comments

  1. Reply

  2. By Nekraj Bhartiya

    Reply

    • Reply

  3. Reply

    • Reply

  4. By rohaan

    Reply

    • Reply

  5. Reply

  6. By kamlesh parihar

    Reply

    • Reply

      • By kamlesh parihar

        Reply

  7. Reply

  8. Reply

  9. Reply

  10. Reply

  11. By Dharmendra

    Reply

    • Reply

      • By Dharmendra

        Reply

  12. By Dharmendra

    Reply

    • Reply

  13. Reply

  14. By Avnish Anand

    Reply

    • Reply

  15. Reply

    • Reply

  16. Reply

  17. Reply

    • Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *